BABA JI

Baba ji

अन्तकाल जो सिमरण करहि, सो नर मुक्ति भाव से मरहि । संकट कटे मिटे सब रोगा, बालक नाथ जपे जो लोगा ।

Baba ji

? *दूनिया से मोह करने वाला गिरता जरुर है* *दो घडी चलकर फिर फिसलता जरुर है* *पर जो तेरी शरण मे आ जाए मेरे बाबा जी* *उस भक्त से तू… Read More →

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